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इमामे हुसैन ने अपने लहू से लोकतंत्र की हिफाजत की- वसील अहमद खान

इमामे हुसैन ने अपने लहू से लोकतंत्र की हिफाजत की- वसील अहमद खान

 

केसरिया (Kesariya): (संसू)प्रखंड के सभी पंचायतों में हिजरी साल का प्रथम महीना मोहर्रम है इसकी 10 तारीख को कर्बला की धरती पर इमाम हुसैन ने अपने कीमती लहू से जो  इतिहास लिखा है उसे रहती दुनिया तक याद किया जाएगा।आप ने अपना घरबार लुटा दिया अपने 6 महीने के बेटा हज़रते अली असगर को  कुर्बान कर दिया लेकिन जुल्म अत्याचार हिंसा करने वाले लोगों से समझौता नहीं किया ।


उक्त बातें शुहदा ए कर्बला की याद में आयोजित महफिल को संबोधित करते हुए केसरिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अनिसुर रहमान चिश्ती ने कही और बताया कि इमामे हुसैन ने यजीद के नापाक इरादा को देखते हुए शिद्दत से उसका विरोध किया मानवता को गुलामी की जंजीर से आजादी के लिए इतनी बड़ी कुर्बानी पेश की जिसको रहती दुनिया तक शिद्दत से याद किया जाएगा।


वोही पर कौमी एकता फ्रन्ट के अध्यक्ष वसील अहमद खान ने कहा कि इमामे हुसैन ने यज़ीद की तानाशाही का जम कर विरोध किया और लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए 72 लोगों की कीमती कुर्बानी पेश की,अन्याय और शोषण के खिलाफ सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हुए आपने जो शहादत दी वह हमेशा याद किया जाएगा और हमारे लिए जरूरी है की इमाम हुसैन ने जो सद्भावना,प्रेम,भाईचारा,अमन और शांति का संदेश दिया है उस रास्ते पर चलकर देश में राष्ट्रीय शांति समानता को मजबूत करने के लिए हम हमेशा सजग और तत्पर रहेंगे।

 

केसरीया जामा मस्जिद के तत्वधान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हज़रत इमामे हुसैन की याद मनाई गई और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का आह्वान किया गया देश में अमन शांति की दुआ की गई ।


इस मौके पर अशरफ आलम पत्रकार, मौलाना नैमतुल्लाह,हाफिज मोहम्मद आलम,मोहम्मद जमील अख्तर,चुन्नू खान, मोहम्मद मुस्ताक, सोना मियां, पूर्व मुखिया गुड्डू खान, साजिद खान, मोहम्मद नसीम, हातिम खान, औरंगजेब खान, निजाम खान इम्तियाज आलम,नबील अहमद खान,मोहर्रम अली,अफसर खान इत्यादि उपस्थित थे।


केसरिया से दीनानाथ पाठक की रिपोर्ट




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