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बिहार के प्रभारी शिक्षा मंत्री के बयान से विवाद,शिक्षकों में आक्रोश, यह है वजह

बिहार के प्रभारी शिक्षा मंत्री के बयान से विवाद,शिक्षकों में आक्रोश, यह है वजह

Controversy over the statement of education minister in charge of Bihar, outrage among teachers, this is the reason
पटना (Patna): बिहार के प्रभारी शिक्षा मंत्री द्वारा बिहार के नियोजित शिक्षकों के प्रति दिए गए बयान से शिक्षकों ने रोष प्रकट किया है। बनमनखी के शिक्षको नें कहा है कि बेगूसराय में एक सम्मान समारोह में बिहार के प्रभारी शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी द्वारा नियोजित शिक्षकों के प्रति अनर्गल बयान देने से शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।

नियोजित शिक्षकों ने ही राज्‍य में बदली है शिक्षा की तस्‍वीर

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला इकाई पूर्णिया के जिला संयोजक सदस्य सुशील कुमार आर्य ने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री के द्वारा इस तरह का अमर्यादित शब्द का व्यवहार किया जाना कहीं न कहीं बिहार सरकार के शिक्षा एवं शिक्षकों के प्रति आने वाले दिनों में गलत दिशा में ले जाने का संकेत है।

आर्य ने कहा कि बिहार में सरकारी विद्यालयों में अगर शैक्षणिक माहौल को लाया है तो वह है नियोजित शिक्षक ।

पढ़ाई के साथ प्रवासी मजदूरों का भी शिक्षकों ने किया है सेवा

इतना ही नहीं नियोजित शिक्षकों द्वारा शैक्षणिक कार्य के अलावे बीएलओ का कार्य, जनगणना कार्य, करोना जैसे महामारी में भी बिहार के नियोजित शिक्षकों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर बिहार के प्रवासी मजदूरों का सेवा किया है। उसमें तो समय बिहार के शिक्षा मंत्री कहां गए थे जब शिक्षकों ने दिन रात एक कर अपने जान की परवाह किए बगैर प्रवासियों का सेवा कर नियोजित शिक्षकों ने अपने मानव धर्म का निर्वाह किया इसके साथ ही नियोजित शिक्षकों के आने से बिहार में शैक्षणिक माहौल में सुधार हुआ है ।

मिड डे मील जैसी योजनाओं ने बिगाड़ा स्‍कूल में शिक्षा का माहौल

शायद इस बात को बिहार की प्रभारी शिक्षा मंत्री इस बात को भूल रहे हैं कि भूल रहे हैं की विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को अगर खराब किया है तो वह है मध्यान्ह भोजन योजना, मुख्यमंत्री पोशाक योजना, मुख्यमंत्री साइकिल योजना, इत्यादि इस तरह की योजनाओं से शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ है और राजनीतिक माहौल को बढ़ावा मिला है इस चीज को हमारे बिहार के शिक्षा मंत्री जी भूल रहे हैं और अपनी गलती को छुपा रहे हैं। सुशील आर्य ने बिहार के मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया है कि प्रभारी शिक्षा मंत्री के इस तरह के बयानों पर रोक लगवाए।

न्यूज़ डेस्क

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